Saturday, 10 March 2018

मनीष की माँ की चुदाई - Desi Kahaniya


मनीष की माँ की चुदाई - Desi Kahaniya

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प्रेषक : प्रेम सागर …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम प्रेम सागर है, आज में आपको मेरे एक दोस्त की माँ की स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ। मनीष एक गरीब परिवार का लड़का है, उसके पापा रिक्शा चलाते है और उसकी इंजिनियरिंग की पढ़ाई करवाते है। मेरे दोस्त मनीष की माँ का नाम किरण है, वो 45 साल की है, वो दिखने में बहुत ही सुंदर है, लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसे सेक्स की बहुत जरूरत है। यह बात मुझको कभी पता नहीं चलती, लेकिन एक दिन जब में मनीष के घर मिलने गया तो तब मेरे दोस्त मनीष की माँ के बारे में बात कर रहे थे। आप इस कहानी को देसी हिंदी सेक्स स्टोरीस डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। उनमें से एक कहता है कि यार मनीष की माँ तो बहुत ही खूबसूरत है, उसके बूब्स, उसकी गांड, क्या लगती है? मेरे पापा को भी वो बहुत अच्छी लगती है, होली वाले दिन मेरे पापा ने उस रांड के बूब्स को खूब दबाया था, यार क्या करूँ? में उसे चोदना चाहता हूँ यार, यदि वो मेरी माँ होती तो में रोज उसे चोदता। तब उनमें से एक दोस्त कहता है कि यार में तो रोज रात को किरण आंटी के बारे में सोचकर मुठ मारता हूँ, यार जब भी में मनीष के घर रात को जाता हूँ तो उसकी माँ नाइटी में बहुत ही सेक्सी दिखती है, यार मेरा तो मन करता है कि उसे वहीं पर पकड़ लूँ और उसे चोद दूँ।

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फिर एक दोस्त ने कहा कि मुझको तो लगता है कि सच में उसे सेक्स की जरूरत है, क्योंकि मनीष के पापा तो घर में रहते ही नहीं है, तो वो तो घर का खर्चा चलाने के लिए रिक्शा चलाते है तभी तो वो लड़को को आकर्षित करने के लिए ऐसे कपड़े पहनती है। अब मेरा मन ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा था। अब मुझको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूँ? क्योंकि मनीष मेरा सबसे अच्छा दोस्त है, हालाँकि अब हमारे संबंध कुछ अच्छे नहीं है बट आई लाइक हिम। उसने एक बार मुझ पर हाथ उठा दिया था, लेकिन फिर उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया तो तब मैंने उसको माफ कर दिया था।
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फिर में सीधा मनीष के घर चला गया। मैंने उस दिन उसकी माँ को पहली बार एक लड़की की तरह देखा था, वो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। फिर में जल्दी से बाथरूम में गया और मुठ मारने लगा। अब मेरा पूरा माल बहुत ही जल्दी निकल गया था। तभी वहाँ मेरे और फ्रेंड्स भी आ गये, तो वो मनीष की माँ को देखकर बहुत ही खुश हुए। मनीष की माँ ने पिंक कलर की नाइटी पहन रखी थी, जिसमें से उनके बूब्स साफ-साफ़ दिख रहे थे। अब मेरा दिमाग बहुत खराब हो रहा था। अब वो सभी मनीष की माँ को रंडी की नजर से देख रहे थे। आख़िर मनीष मेरा दोस्त है कोई उसकी माँ को रंडी बोले ये मुझसे सहन नहीं होता। अब मनीष की माँ भी बार-बार उनके सामने इतरा रही थी। फिर उनमें से एक दोस्त ने कहा कि आंटी मेरी माँ ने आपको मेरे घर पर बुलाया है। कल मेरे माँ पापा की शादी की सालगिरह है, आप और मनीष दोनों आना।

तब मनीष की माँ ने कहा कि बेटा जरूर आएगें। तभी मुझसे मनीष की माँ ने पूछा कि प्रेम सागर बेटा कल कौन सी साड़ी पहनूँगी? तब मैंने कहा कि कोई सी भी पहन लो। तब मनीष की माँ ने कहा कि बेटा मैंने एक नयी साड़ी खरीदी है, में वो पहन लूँगी। तब मैंने कहा कि ठीक है। फिर दूसरे दिन जब मनीष की माँ ने वो साड़ी पहनी तो में तो दंग ही रह गया कि मनीष की माँ क्या इतनी सेक्सी दिखती है? उनकी साड़ी काले रंग की थी, लो कट स्लीवलेस ब्लाउज था और वो बहुत ही सेक्सी दिख रहा था। फिर जब में, मनीष और उसकी माँ बाइक से जाने लगे तो तब मनीष की माँ के बूब्स मेरी पीठ से टकराने लगे थे। अब में तो पागल ही हो गया था कि यह क्या हो रहा है? अब मेरा लंड खड़ा होने लगा था। फिर जैसे तैसे में मनीष के यहाँ से आ गया। अब मेरा दिमाग मनीष की माँ के बारे में ही सोच रहा था। मनीष की माँ जब चल रही थी तो उसकी गांड बहुत ही मचल रही थी। उस पूरी पार्टी में सब मनीष की माँ को ही देख रहे थे। आप इस कहानी को देसी हिंदी सेक्स स्टोरीस डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।
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फिर उसके बाद डांस पार्टी स्टार्ट हुई तो तब मेरे दोस्त ने मनीष की माँ से कहा कि आंटी आप हम सभी के साथ डांस करें। तब मनीष की माँ ने हाँ कर ली। तब मैंने देखा कि मेरे दोस्त मनीष की माँ की बॉडी को टच कर रहे है। अब मनीष की माँ भी मज़े ले रही थी। अब मेरा मन तो कर रहा था कि मनीष की माँ को वही सबके सामने किस कर दूँ, लेकिन में कुछ भी नहीं कर रहा था। फिर सभी दोस्त मेरे पास आए और मुझसे कहा कि यार मनीष की माँ तो बहुत अच्छा डांस करती है। तब मैंने उनसे कहा कि आज वो दिख कैसी रही है? तो तब एक के मुँह से निकला सेक्सी। तब मैंने कहा कि यार मैंने तुम्हारी उस दिन की सभी बात सुन ली है, मेरा दिमाग तो खराब हो गया है, अब में क्या करूँ? है तो वो मनीष की रंडी माँ। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर तब एक ने कहा कि यार तू मनीष की माँ को चान्स दे तो सही, तभी तो तुझको समझ में आएगा कि वो क्या चाहती है? मेरे पापा तो हमेशा मनीष की माँ के मज़े लेते रहते है, वो तो कुछ भी नहीं कहती है। फिर उस रात जब में घर से मनीष के घर गया तो तब पता चला कि मनीष घर पर नहीं था, वो कहीं भीख माँगने गया हुआ था। तब में जानबूझकर मेरे कपड़े मनीष की माँ के सामने उतारकर अंडरवेयर में आ गया। अब मेरा लंड खड़ा था। फिर जैसे ही मनीष की माँ ने देखा तो उसकी आँखे मेरे अंडरवेयर से हट ही नहीं रही थी। फिर मनीष की माँ भी अपने कपड़े निकालने लगी। अब में उन्हें देखने लगा था। अब हम दोनों चुप थे, फिर तभी अचानक से वो मेरे पास आई और बोली कि बेटा आज हम दोनो साथ में सोएंगे। तब मैंने वही पर मनीष की माँ को गले लगा लिया और उनके कपड़े उतारने लगा था। अब वो भी मेरी अंडरवेयर में अपना एक हाथ डालने लगी थी। फिर जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को पकड़ा तो में तो पागल हो गया। फिर उसने मेरे लंड को हिलाना शुरू कर दिया। फिर मैंने उनका पेटीकोट उतार दिया। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी।

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फिर उन्होंने मेरे लंड को अपने एक हाथ में पकड़ा और ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगी थी। अब मैंने भी उसे पूरा नंगी कर दिया था। उसकी चूत के आसपास एक भी बाल नहीं था। फिर वो मुझसे कहने लगी कि प्रेम सागर मेरी चूत को चाट। तो तब मैंने उसे चाटना शुरू कर दिया। आप इस कहानी को देसी हिंदी सेक्स स्टोरीस डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।  फिर उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी थी। फिर उसने उसकी जीभ मेरे लंड के टोपे पर फैरी। तब मैंने कहा कि मनीष की रंडी माँ तुम बहुत ही खुबसूरत हो। अब वो मेरे लंड को अंदर बाहर करने लगी थी। तब मैंने कहा कि रंडी मेरा माल निकल जाएगा। तब वो बोली कि जल्दी निकाल साले में उसे पीने के लिए मर रही हूँ। फिर यह सुनते ही मेरा दिमाग खराब हो गया और फिर मैंने मनीष की माँ का मुँह पकड़ा और ज़ोर-ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा था और फिर थोड़ी देर के बाद मेरा पूरा माल मनीष की माँ के मुँह में गिर गया। फिर उस रात को मैंने मनीष की माँ की चूत में 5 बार मेरा लंड डाला। अब मनीष की माँ बहुत खुश थी ।।
धन्यवाद …

Monday, 5 March 2018

भाभी ने अपनी बहन की सील तुड़वाई - Desi xxx Kahaniya

भाभी ने अपनी बहन की सील तुड़वाई

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प्रेषक : रूपेण …
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रूपेण है और में मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरी देसी हिंदी सेक्स स्टोरीस डॉट कॉम पर यह दूसरी स्टोरी है।दोस्तों में आपनी भाभी को चोद रहा था कि तभी भाभी की छोटी सिस्टर जिसकी उम्र 18 साल होगी और 12वीं क्लास में थी, वो स्कूल की जल्दी छुट्टी होने से घर आ गई थी और सीधी उसकी बड़ी सिस्टर यानी भाभी के बेडरूम में ही आ गई थी। फिर जब वो आई तो मेरा पूरा 8 इंच का लंड उसकी चूत में घुसा हुआ था। यह देखकर वो एकदम से बेडरूम से बाहर चली गई और फिर हम हमारा काम खत्म करके बाहर आए तो वो स्कूल यूनिफॉर्म में बाहर बैठी थी। तब उसने भाभी से पूछा कि यह कौन है? तो तब उसने जवाब दिया कि यह लव करने की मशीन है।

फिर उसने पूछा कि तुम क्या कर रही थी? तो तब वो बोली कि जवानी का मज़ा लूट रही थी, जो तुम्हारे जीजा नहीं दे सकते, इसने मुझे जवानी का सही मज़ा दिया है और तुम चाहती हो तो तुम भी मज़ा कर सकती हो, मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है। तो यह सुनकर उसकी आँखे भी चमक गई और फिर वो कहने लगी कि में भी कब से एक लंड ढूंढ रही थी? क्योंकि में तुम्हारे बेडरूम में से ब्लू फिल्म की सी.डी ला-लाकर देखा करती हूँ और मेरी चूत में फिंगरिंग किया करती हूँ और अब में फिंगरिंग से बोर हो चुकी हूँ, मुझे भी एक बड़ा लंड चाहिए और फिर वो मेरे पास आई और मेरी पेंट के ऊपर से मेरे लंड को हाथ लगाया और कहा कि चलो अब मुझे मज़ा दो, लेकिन भाभी ने कहा कि आज नहीं, आज तेरे जीजाजी का आने का वक़्त हो गया है, कल तू स्कूल से जल्दी आ जाना, में इसको बुला लूँगी तो वो मान गई।


फिर भाभी ने मेरी आँख पर पट्टी बांधी और मुझे जहाँ से कार में बैठाया था, वहाँ आकर छोड़ गई। फिर दूसरे दिन ठीक उसी वक़्त में वहाँ जाकर खड़ा हुआ और फिर भाभी आई और मुझे पट्टी बाँधकर उसके बंगले पर ले गई। फिर में अंदर जाकर बैठा तो मुझे उसकी सिस्टर दिखाई नहीं दी। तब भाभी बोली कि वो आ जाएगी एक बार मुझे चोद लो और फिर हमने फिर से अपना खेल शुरू किया। अब भाभी को करीब 25 मिनट तक चोदने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था। तब भाभी ने कहा कि बाहर निकालो। तो तब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और भाभी के ऊपर छोड़ दिया, तो यहाँ मेरा पानी निकला और वहाँ उसकी सिस्टर की एंट्री हुई। फिर वो मेरा लावा देखकर हमारे पास आई और बोली कि यह क्या है? आप इस कहानी को देसी हिंदी सेक्स स्टोरीस डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

तब भाभी ने कहा कि यह लव की मलाई है और बहुत टेस्टी होती है, जब तुम करोगी तब भी निकलेगी और फिर भाभी बेड पर वैसे ही लेटी रही। फिर उसकी सिस्टर मेरे पास आई और बोली कि चलो आज मुझे जवानी का पहली बार मज़ा दो और मेरे लंड को पकड़ लिया और कहा कि में ब्लू मूवी की तरह तुम्हारा लंड अपने मुँह में लूँगी और सक करूँगी और देखूँगी की चूसने से क्या होता है? और फिर मेरा लंड अपने मुँह में लेकर सक करने लगी थी। वो बहुत ही मजेदार वक़्त था कि दो बहनों को साथ में चोदने का मुझे मौका मिला था, एक तो अभी वर्जिन थी और अब मुझे वर्जिन चूत मिल रही थी। अभी वो स्कूल ड्रेस में ही थी और वो जब बैठकर मेरा लंड सक कर रही थी, तो तब उसका स्कर्ट ऊपर हो गया था और उसकी स्कर्ट में से उसकी पेंटी दिख रही थी। फिर मैंने उसके बूब्स को सहलाना शुरू किया और साथ-साथ उसकी पेंटी पर भी अपना हाथ फैरना शुरू किया। अब उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था और अब हम दोनों को भाभी देख रही थी। दोस्तों आप इस कहानी को देसी हिंदी सेक्स स्टोरीस डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।


फिर थोड़ी देर तक मेरा लंड सक करने के बाद में उसके मुँह में ही झड़ गया और मेरा सारा लावा उसके मुँह में ही निकाल दिया था। अब मेरे पूरे वीर्य से उसका मुँह भर गया था। तभी भाभी ने कहा कि तुम इसको पी जाओ, बड़ा मज़ा आएगा। तो वो मेरा सारा वीर्य पी गई और बोली कि यह बहुत टेस्टी है। फिर मैंने उसको उठाया और उसकी स्कर्ट को खोल दिया। अब वो सिर्फ पेंटी थी। फिर मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी। अब में उसकी चूत देखकर हैरान हो गया था, उसकी चूत बहुत ही पिंक थी और अभी उसके चूत के बाल भी बहुत कम थे, उसके गोल्डन कलर के बाल से उसकी गुलाबी चूत और भी सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने उसको भाभी के बाजू में लेटा दिया और उसकी चूत को सक करने लगा था। अब वो भी आआआआआ, उहह करने लगी थी और बोली कि और सक करो, यह मुझे बहुत हैरान करती है, पूरा दिन किसी लड़के को देखकर मचलती है, आज तुम इसका मचलना शांत कर दो, में इसको फिंगर से कर-करके थक चुकी हूँ, आज तुम मुझे चोदकर इसको शांत कर दो और फिर वो मचलने लगी थी।

फिर थोड़ी देर तक सक करने के बाद उसकी चूत में से पानी झड़ना शुरू हो गया और अब उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी। फिर मैंने सोचा कि यही सही वक़्त है अंदर डालने का। तब में तुरंत उठा और अपना लंड उसकी चूत पर टिका दिया और अभी मैंने थोड़ा ही लंड डाला था कि वो चीखने लगी और कहने लगी कि बहुत दर्द हो रहा है, तुम अपना लंड बाहर निकालो, मुझे नहीं पता था कि लंड लेने से इतना दर्द होता है, तुम इसको बाहर निकालो और मुझे धक्का दे दिया। तभी भाभी आई और कहने लगी कि फर्स्ट टाईम दर्द होगा, लेकिन फिर मज़ा आएगा, लेकिन वो एक नहीं मानी। तब भाभी ने मुझसे कहा कि चलो तुम दूर हो जाओ, इसको मत चोदो, इसको नहीं चुदवाना है और यह कहकर मुझे थोड़ा दूर ले गई और बोली कि में उसको पकड़ती हूँ।

फिर में इशारा करूँ तो पूरी ताकत से घुसा देना, में उसका मुँह बंद कर दूँगी और फिर भाभी उसके पास गई और अपनी छोटी सिस्टर के बड़े-बड़े बूब्स चूसने लगी और किसिंग करने लगी थी। अब वो उसके पेट पर बैठ चुकी थी। अब उसकी टाईट चूत मेरे सामने थी, लेकिन वो मुझे नहीं देख पा रही थी। अब में अपने लंड को पकड़कर खड़ा था। तभी भाभी ने मुझे इशारा किया की हमला कर दो। फिर में सीधा उसके पास गया और उसकी दोनों टांगो को फैलाकर एक जोरदार धक्का लगाया तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया और अब उसकी चूत के अंदर से खून की बौछार शुरू हो गई थी। अब उसका मुँह भाभी ने अपने मुँह से बंद किया था वरना वो पूरे मौहल्ले को इक्कठा कर देती, अभी उसकी आँखों में से आँसू निकल रहे थे और पूरी बेडशीट खून से खराब हो चुकी थी। फिर में धीरे-धीरे हिलने लगा और फिर 15 मिनट के बाद झड़ गया और अपना लंड बाहर निकाला। तब उसने कहा कि मुझे मज़ा तो नहीं आया, लेकिन दर्द बहुत हुआ, अब में कभी नहीं चुदवाऊँगी।

तब भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं अगली बार चुदवाना। अब तुमको मज़ा आएगा और फिर मुझसे कहा कि में इसकी चूत में रोज फिंगर कर-करके ढीली कर दूँगी, उसके बाद इसको चोदना वहाँ तक मुझे चोदते रहना और यह यहाँ खड़ी-खड़ी हमको देखा करेगी। फिर भाभी को मैंने एक बार और चोदा। फिर भाभी ने मुझसे कहा कि मेरे एक पड़ोसी है उसको भी अपनी गेम में शामिल करना है। तो तब मैंने कहा कि क्यों नहीं? लेकिन मुझे तो उसकी सिस्टर बहुत पसंद आ गई थी, क्योंकि उसकी इतनी टाईट चूत मैंने आज तक नहीं चोदी थी और अब मेरा मन कर रहा था की उसको एक बार और चोदकर जाऊँ। लेकिन भाभी ने मना किया कि उसकी चूत फट गई है और अभी भी थोड़ी-थोड़ी ब्लडिंग हो रही है इसलिए तुम थोड़े दिन रुक जाओ, फिर में तुम्हारा इंतज़ाम कर दूँगी वहाँ तक में और मेरी पड़ोसी से काम चलाओ ।।
धन्यवाद …

Saturday, 3 March 2018

Top 36 Desi Hindi Sex Story || Desi Kahaniya by Mastram

Top 36 Desi Hindi Sex Story || Desi Kahaniya by Mastram

शीर्ष भारतीय सेक्स कहानियों की यह सूची आपको देसी हिंदी सेक्स कहानियों डॉट कॉम द्वारा लाई जाती है
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Monday, 26 February 2018

Choot me madhu-makhi ghusi aur doctor ne choda

मधुमक्खी चूत में प्रवेश कर गई

 

एक दिन एक आदमी और उसकी पत्नी उनके बेडरूम में चुदाई कर रहे थे। तभी अचानक एक मधुमक्खी बेडरूम की खिङकी के रास्ते अन्दर आ गई। 

चूँकि औरत ने अपने पाँव फैला रखे थे, मधुमक्खी उसकी चूत में प्रवेश कर गई। औरत चिल्लाने लगी, "हे भगवान, मेरी मदद करो, एक मधुमक्खी मेरी चूत में घुस गई है!" 

उसका पति फौरन उसे डॉक्टर के पास ले गया और सारी बात बताई। डॉक्टर ने थोङी देर सोचा और कहा "हम्म्म्म्म्, विकट स्थिति है। पर मेरे पास इस समस्या का एक समाधान है, अगर सर इसके लिए इजाज़त दें." पति बहुत चिंतित था तो उसने तुरंत हामी भर दी कि जैसे भी हो, धुमक्खी को उसकी बीवी की चूत से बाहर निकालो। 

डॉक्टर ने कहा "ठीक, मैं थोङा मधु अपने लिंग के अग्र भाग पर लगाकर लिंग को इसकी चूत में डालूँगा, और जैसे ही मुझे लगेगा कि मधुमक्खी मेरे लिंग के करीब है तो मैं इसे बाहर खींचूँगा, तो शायद वह इसका पीछा करते हुए तुम्हारी बीवी की चूत से बाहर आ जाए।" पति ने तुरंत इसकी इजाज़त दे दी। 

औरत ने कहा, "हाँ, हाँ, जो भी करना है करो, पर इससे छुटकारा दिलाओ।" अतः डॉक्टर ने अपने लिंग की नोक पर मधु लगाने के बाद औरत की चूत में डाला। कुछ हल्के झटकों के बाद, उसने कहा, लगता है कि मधुमक्खी ने अभी तक मधु को महसूस नहीं किया है, शायद मुझे लिंग को और अन्दर तक ले जाना पङेगा।" और उसने लिंग और अन्दर घुसेङा। 

थोङी देर के बाद रास्ता बनाने लगा, उससे अधिक वास्तव में औरत रास्ता बनवाने लगी। औरत उत्तेजना से मज़े लेने लगी और जोर जोर से कराहने लगी। डॉक्टर पूरे ध्यान से बहुत तेजी से मज़े लेते हुए उसे चोद रहा था और उसकी चूचियों को मसलने लगा, और जोर जोर से आवाजें निकालने लगा। 

पति को इस समय काफी गुस्सा आ गया और वह चिल्लाया, "ठहरो! तुम ये सब क्या कर रहे हो?" डॉक्टर ने अभी भी उसे ध्यान से चोदते हुए जवाब दिया, "प्लान में बदलाव। मैं उसे अन्दर ही मसल कर मार रहा हूँ!





Friday, 23 February 2018

Jitni Jaada Umer Utna Hi Jaada Maza - Hindi Sex Stories

Jitni Jaada Umer Utna Hi Jaada Maza - Hindi Sex Stories
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Ye baat hai navabo k shahar lucknow ki aur un dino ki hai jab mera selection medical me nhi hua tha aur maine ek school me job kar li thi, tab mujhe 10000 milte the aura b mujhe 30000 milte hain kyunki main bhut active rehta hun aur iska sabse bara raaz hai sex.

Sex is love love is sex sex is fun and fantastic. Aur haan ek baat aur ye asli kahani hai islie 10 inch k lund ki khwahish mat karna aur na hi yahan koi mu k andar jhadega kyunki asli kahaniyo me aisa nhi hota hai to please farzi kahaniya pad kar muth marna band kar do aur ye lo pado asli kahaniya. Ye meri sabse latest kahani hai aiur agar acha response mila to main apni saari stories post karunga. Mera naam prashun hai (name changed) naur mera lund 5 inch kaa hoga shayad kabhi napa nhi aur haan chodne me kaafi expert hun. Kabhi bhi mauka mila to maine choda nhi. Meri mum k office me ek lady kaam karti thi, jo ekdam akeli rehti thi, jis wajah se mummy usko apne ghar le aii thi. Vo ladki, umar kareeb 30 lekin kya haseen ladki thi.आप इस कहानी को देसी हिंदी सेक्स स्टोरीस डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

School me aya ka kaam karti thi lekin bare bare teachers bhi use line marte the, kya chuchiyan thi haay. Jab mummy use ghar le aii to main mummy k upar bahut naraaz hua lekin mann hi mann khush bhi tha. Phir kuch logo k kehne par hum logo ne faisla kiya ki hum log use ghar me nahi rakhenge.

Jitni Jaada Umer Utna Hi Jaada Maza - Hindi Sex Stories
Aur usi samay ittefaaq ki baat thi ki jahan main kaam karta tha vahan ek 24 hours k liye maid chahiye thi. To maine use vahin pe lagwa diya. Phir naukri ke dusre din usne mujhse kha ki main use ghar tak chod du jahan vo pehle kirae par rehti thi, to maine haan kar diya. Raaste me maine use kaha ki main use pyaar karta hun aur kya meri girlfriend banegi…. To usne thodi na nukur k baad haan kar diya. Aur phir mera raasta saaf, humare beech decide hua ki hum log 20 july 2015 ko sham ko charbagh me milenge aur vahan se main use apne saath le jaunga apni bua k ghar jahan koi nhi rehta.


Haan ek baat to batana hi bhul gaya vo aurat shaadi shuda thi par usko uske pati ne chod diya tha islie vo akele rehti thi.

Akhir vo din a gaya hum log bua k ghar pahunche. Bua k ghar me sirf mera cousin tha jo mere pahunchte hi dusre kamre me chala gaya. Maine anan fanan me darwaza band kiya aur turant uske upar chad gaya, bahut dino se sex nhi kiya tha land me bari khujli ho rahi thi…. Jaise hi uske upar k kapde utare waah kya gora badan ekdum doodh ki tarah.. Dekh k maza aa gaya phir uski mumme mu me lekar 15 min tak chuse aur khob dabae. Vo saali jan bujh kar awaaze nikal rahi thi, mujhe aur bhi mazaa aa rha tha, ye meri ladki thi jo mere bistar par pahunchi thi.. Isse pehle sirf ek ladki thi jisne mera land apne muh me liya tha aur maine har ladki se kha tha muh me lene k lie lekin saali maa ki laudiya eko taiyaar hi nhi hoti thi. Lekin ye saali taiyaar ho gai. Maine apne lund uske muh me de diya aur uske baal pakad kar aage piche karne laga, khub maza aa rha tha…

Phir maine uske niche k kapde bhi utare aur uski choot me ungli ghused di aur khoob jor jor se hilaane laga saali kya awaaz nikal rahi thi madarchod, kasam se bhai duniya me chudai se achcha koi kaam nhi hai.

Phir usne mera land apne haath me liya aur sehlane lagi aur phir maine usko bed pe litaya aur apna lund uski choot pe rakha aur halka sa dhakka maraa aur pura land andar, kha main 20 saal ka khan vo sali 30 saal ki vo bhi shadi shuda vo saali awaaaze nikalne lagi aah aah ahh chodo mujhe mera kele meri chut me ghused do aur chodo aur chodo chod do mere raajaa bhai maza agaya. Lekin bhai jab mera land andar uski choot ragadte hue andar gaya uski cheekh nikal gaii. Phir karib 5-6 min k baad mera to choot gaya lekin saali vo shaant nhi hui, thodi der leta aur vo uthi aur mera lund apne muh me le liya aur phir se chusne lagi.

Main phir se savdhan mudra par aya aur khataak se uski chut me land daal diya aur bhai kasam se batan rha hun dusri baar me jaldi bhi chutta hai. Lekin is baar maine soch liya tha ki isko bhi trapt kar dunga.आप इस कहानी को देसी हिंदी सेक्स स्टोरीस डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

Bhai sabse achcha tareeka hai ki tum niche let jao aur ladki ko apne pet pe bitha lo aur andar daal do aur ladki se keh do ki vo upar niche hoe. Kasam se bata rha hun um nikloge nhi aur ladki ki gaand phat jaegi aur vahi maine kiya, kareeb 8-9 min me vo jhad gaii aur kehne lagi ki bas ab vo thak gai hai, to maine kha ki abhi mera kha chuta hai tab maine usko phir litaaya aur chodna chaalu kiya, bas 3-4 min baad main bhi choot gaya. Aur phir maine cigarette pe aur thodi der lete rhe phir humne raat me ek baar aur liya aur raat bhar nange lete rhe. Yaad rakhna agar asli maza lena hai to apna lund jarur chuswana.

Agar lko me kisi ko bhi chudwana ho to mujhe email kare please mujhe chodne me bhut maza ata hai. Bas ek baar chudwa lo aur uske baad na hum tumko jaane na tum humko jaano. Mera number eight four zero zero zero zero zero five three ____ . Jo hoshiyaar hain vo samajh jaenge.

Humaari koi shakha nhi hai aur hum nishulk seva karte hain.

Saturday, 10 February 2018

Bhabhi ki chudai raat me dekhi

सेक्सी भाभी की चुदाई देखी रात मे


यह कहानी सच्चाई पर आधारित है, इसमें हुई सारी घटनायें सच्ची हैं, लेकिन पात्रों के नाम बदल दिए गये हैं.
मैं अपने घर में सबसे छोटा हूँ. मेरे दो बड़े भाई हैं जिनमें से एक की शादी हो चुकी है और दूसरा बंगलौर में जॉब कर रहा था.
यह बात उस वक़्त की है जब मैं स्कूल ख़त्म करके आगे इंजिनियरिंग की तैयारी कर रहा था. कुछ महीने बाद मैंने एंट्रेन्स एग्ज़ॅम दिए जिसमे मेरे अच्छे अंक आए और मेरा दाखिला चंडीगढ़ के एक कॉलेज में हो गया.
चंडीगढ़ में मेरे चाचा का परिवार रहता था. चाचा की कई साल पहले मौत हो चुकी थी. घर में चाची, उनका बेटा और बहू रहते थे. उनकी बेटी भी थी जिसकी अब शादी हो चुकी थी.
तय यह हुआ कि मैं होस्टल में न रहकर चाचा के घर में रहकर इंजिनियरिंग के चार साल बिताऊँगा.
पहले मैं इस बात से बहुत नाराज़ हुआ, मुझे लगा कि कॉलेज का मजा तो होस्टल में ही आता है, लेकिन मुझे क्या पता था कि वो चार साल मेरी ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत चार साल होंगे.
कुछ दिन बाद मैं निकल पड़ा चंडीगढ़ के लिए. रास्ते भर मैं खुश था कि कई साल बाद मैं अपनी भाभी से मिलूँगा.
सुमन मेरे चचेरे भाई रवि की बीवी का नाम है. रवि भैया मुझसे उम्र में आठ साल बड़े हैं. उन्होंने कॉलेज ख़त्म करने के कुछ महीने बाद ही सुमन भाभी से शादी कर ली थी.

मैं न जाने कितनी बार सुमन भाभी के नाम की मुट्ठी मारी थी.
और थी भी वो तगड़ा माल… शादी के वक़्त जब भाभी को दुल्हन के कपड़ों में देखा था, तब लंड पर काबू पाना मुश्किल था. मैंने बस यही सोचा था कि रवि भैया कितने खुशकिस्मत हैं जो इस बला की खूबसूरत लड़की को चोदने को मिल रहा है उन्हें !
खैर मैं अगले दिन चंडीगढ़ पहुँचा और चाची और भाभी ने मेरा स्वागत किया.
चाची बोली- अब तू आ गया है, चलो कोई तो मर्द होगा घर में, नहीं तो तेरा भाई हर समय इधर-उधर भागता रहता है बस!
भैया की सेल्स की जॉब थी जिस वजह से वो हर वक्त बाहर रहते थे.
सुमन भाभी मेरे लिए पानी लेकर आई. क्या ज़बरदस्त माल लग रही थीं वो! गुलाबी साड़ी में किसी स्वर्ग की अप्सरा जैसी खूबसूरत, गोरा सुडौल बदन जो किसी नामर्द के लंड में जान डाल दे!
पर जो सबसे खूबसूरत था, वो था उनके पल्लू से उनका आधा ढका पेट और उसमें से आधी झाँकती हुई नाभि!
मैंने उनके हाथ से पानी लिया पर मेरी नज़र उनके पेट से हट नहीं पा रही थी, दिल करता था कि बस पल्लू हटा के उनके पेट और नाभि को चूम लूँ!
तभी अचानक भाभी बोल पड़ी- क्या देख रहे हो देवर जी?
मैं थोड़ा झेंप गया, सोचने लगा कहीं भाभी कुछ ग़लत ना सोचे या चाची को यह न लगे कि मैं उनकी बहू को ताड़ रहा हूँ.
मेरी नज़र भाभी के चेहरे पर पड़ी. इतनी खूबसूरत थी वो जैसे मानो भगवान ने फ़ुर्सत में पूरा वक्त देकर उन्हें बनाया हो.
‘क्क्क-कुछ नहीं भाभी!’ मैं कुछ भी बोल पाने में असमर्थ था.
‘राजेश, तुझे सबसे ऊपर दूसरी मंज़िल पर कमरा दिया है. अपना सामान लगा ले और नहा-धो कर नीचे आ जा खाने के लिए!’ चाची बोली.
मैं अपना सामान ऊपर ले जाने लगा. मेरी नज़र भाभी पर पड़ी, तो उन्होंने मेरी तरफ मुस्कुराकर कर देखा और अपना पल्लू हल्का सा खोलकर अपनी नाभि के दर्शन करा कर चिढ़ा रही थी.
शाम को भैया वापस आए. हम सबने खाना खाया और रात को सोने चले गये.
रात को मेरी नींद अचानक खुली, मुझे प्यास लगी थी, मैं पानी पीने के लिए नीचे गया.
सबसे नीचे वाली मंज़िल पर चाची सो रही थी.
मैं पानी पी कर ऊपर आ रहा था कि तभी पहली मंज़िल पर मुझे कुछ आवाज़ें सुनाई दी. इस मंज़िल पर भैया-भाभी का कमरा था. उनके कमरे से एक औरत की मधुर कामुक आवाज़ें आ रही थी. मैंने सोचा कि कान लगा कर सुनूँ कि क्या चल रहा है अंदर!
थोड़ा इंतज़ार करने के बाद मैंने दरवाज़े पर अपना कान लगा दिया.
अंदर से भैया बोल रहे थे- सुम्मी, चूस… हाँ.. और ज़ोर से चूस… मुझे मालूम है तू कितनी इस लंड की दीवानी है, चूस… चूस साली रांड… चूस!
और तभी भाभी के लंड चूसने की आवाज़ और तेज़ हो गई.
मेरा लंड फनफना उठा, मुझसे रहा नहीं गया, मैंने अपने पायज़ामे में से अपना लंड निकाला और और धीरे-धीरे उसे हिलाने लगा.

‘आह… आह…आह… क्या मस्त चूस्ती है तू साली मादरचोद!’
भाभी भैया के लंड को तीन मिनट से चूस रही थी.
‘सुम्मी… अब रुक जा… नहीं तो मैं तेरे मुँह में ही छूट जाऊँगा.’
अंदर से भाभी की लंड चूसने की आवाज़ें बंद हो गई.
‘अब बता… मेरा लंड तुझे कितना पसंद है?’
भाभी बोली, ‘आप जानते हैं, फिर भी मुझसे बुलवाना चाहते हैं?’
‘बता ना मेरी जान?’
अचानक मेरी नज़र चाबी के छेद पर पड़ी. मैंने अपनी आँख लगाकर देखा कि क्या हो रहा है अंदर!
भैया बिस्तर पर बैठे थे और भाभी ज़मीन पर अपने घुटनों पर… दोनों नंगे थे.
भाभी को नंगी देख कर मेरी आँखें फटी रह गई. गोरा शरीर, सुंदर चूचियाँ देख कर मैं अपने लंड को और तेज़ी से हिलाने लगा. हाथ में उनके भैया का लंड था जिसे वो हल्के-हल्के हिला रही थी.

‘आपका लंड मुझे पागल कर देता है. रोज़ रात को ये कमीनी चूत मेरी बहुत परेशान करती है, आपके लंड के लिए तरसती है. रोज़ रात को एक योद्धा की तरह आपके लंड से युद्ध करना चाहती है और उस युद्ध में आपसे हारना चाहती है. आपका अमृत पाकर ही इसे ठंडक मिलती है.’
भाभी जीभ निकाल कर भैया के पेशाब वाले छेद को चाटने लगी.
‘क्या सही में? आह!’
‘हाँ… औरत की संभोग की प्यास मर्द से कई गुना ज़्यादा होती है. लेकिन आप आधे वक्त घर पर ही नहीं होते. ऐसी रातों में बस अपनी उंगली से ही इस कमीनी को शांत करती हूँ. बहुत अकेली हो जाती हूँ आपके बिना… दिल नहीं लगता मेरा!’
‘सुम्मी, उठ फर्श से…’
भाभी फर्श से उठ कर भैया के सामने खड़ी हो गई. मेरा लंड उनके नंगे बदन को और बढ़कर सलामी देने लगा. भैया ने भाभी की कमर को दोनों हाथों से पकड़ा और उनका पेट चूम लिया.
भाभी की चुदाई की यह हिंदी कहानी आप  पर पढ़ रहे हैं!
‘सुम्मी, अगर ऐसी बात है तो क्यूँ ना मैं तेरे इस प्यारे से पेट में एक बच्चा दे दूँ?’ यह कहके एक बार फिर उन्होंने भाभी का पेट चूम लिया.
भाभी ने एक कातिल मुस्कान देकर कहा- हाँ, दे दीजिए मुझे एक प्यारा सा बच्चा. बना दीजिए मुझे माँ. बो दीजिए अपना बीज मेरी इस कोख में!
भाभी अपना हाथ अपने पेट पर रखते हुए बोली.
‘चल आजा बिस्तर पे… आज तेरी कोख हरी कर देता हूँ. बच्चेदानी हिला कर चोदूँगा, साली एक साथ चार बच्चे पैदा करेगी तू!’ भैया बोले.
‘रुकिये… पहले मेरी बुर चाट के इसे गीला कर दीजिए ना एक बार!’ भाभी बोली.
‘मेरी जान, तुझे कितनी बार बोलूँ, मुझे चूत चाटना पसंद नहीं… बहुत ही कसैला सा स्वाद होता है!’
‘आप मुझसे तो अपना लंड चुसवा लेते हैं, मेरी चूत क्या इस काबिल नहीं कि उसे थोड़ा प्यार मिले.’
‘तू चूसती भी तो मज़े से है, चल अब देर मत कर, लेट जा और टांगें खोल दे!’
भाभी ने वैसा ही किया. भैया अपने लंड पर थूक मल रहे थे.
भाभी की चुदाई शुरू हो गई थी, भैया ने भाभी की टाँगों को खोल कर, अपना लंड हाथ में लेकर उसे भाभी की चूत पर रखकर एक झटका मारा.
‘आह!’ भाभी के मुँह से निकला.
भाभी का ख्याल ना रखते हुए, भैया ने झटके पे झटके मार मार के अपना पूरा छह इंच का लंड भाभी की चूत में जड़ दिया- साली, तेरी कमीनी चूत तो बेशर्मी से गीली हो रही है!
दोनों ने दो मिनट साँस ली, फिर भैया बोले- छिनाल, तैयार हो जा… माँ बनने वाली है तू… इसी कोख से दर्जनों बच्चे जनेगी तू!
और फिर तीव्र गति से भाभी की चुदाई शुरू हो गई. भाभी भैया के नीचे लेटी हुई थी और चेहरे पे चुदाई के भाव थे.
‘ओह… ओह… ओह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… सस्स्स… आह!’ भाभी के मुख से कामुक आवाज़ें सुन कर मैं अपना लंड और तेज़ी से हिलाने लगा.

‘ले चुद साली… और चुद…’ भाभी का हाथ लेकर भैया ने उसे अपने टट्टों पर रख दिया- ले सहला मेरे टट्टे… और ज़्यादा बीज दूँगा तुझे!’ भाभी भैया के ट्टटों को सहलाने लगी.
भैया ने भाभी के कंधों पर हाथ रखकर उन्हें कसकर पकड़ लिया और कस कर चोदने लगे- ले, मालिश कर मेरे लंड की अपनी चूत से… साली, क्या लील रही है तेरी चूत मेरे लंड को… लगता है बड़ी उतावली है तू मेरे बीज के लिए!
और भाभी चीख पड़ी- चोद मुझे साले भड़वे… दे दे मुझे अपना बच्चा… हरी कर दे मेरी कोख!
भैया ने चुदाई और तेज़ कर दी. अब तो पूरा बिस्तर बुरी तरह से हिल रहा था.
भाभी ने अपनी उंगली अपने मुँह में डालकर गीली की और उससे भैया के पिछवाड़े वाले छेद को रगड़ने लगी.
‘आह… सुम्मी.. मैं छूटने वाला हूँ.’ भैया बोले.
‘नहीं.. थोड़ा रूको… मैं भी छूटने वाली हूँ!’ भाभी बोली.
‘नहीं… और नहीं रुक सकता, सुम्मी… आह… मैं छूट रहा हूँ… ये ले मेरा बीज… आह!’
भैया ने सारा माल भाभी की चूत में डाल दिया.
फिर भैया एक तरफ करवट लेकर सो गये, मुझसे भी रहा नहीं गया, मैं भी छूट गया और मेरा सारा माल फर्श पर गिर गया.
थोड़ी देर बाद मैंने छेद से झाँक कर देखा तो भैया सो गये थे, ख़र्राटों की आवाज़ आ रही थी. भाभी अभी भी जागी हुई थी और हाँफ रही थी, वो गुस्से में थी!
भैया की तरफ मुँह करके भाभी बोली- अपनी हवस मेरी चूत पर निकाल कर… करवट लेकर सो गया, मादरचोद!
भाभी की चुदाई अधूरी रह गई थी.
अचानक भाभी उठी तो मुझे लगा वो दरवाज़े पर आ रही हैं इसलिए मैं वहाँ से भाग कर अपने कमरे में आ गया.
कुछ देर रुकने के बाद मैंने सोचा एक आख़िरी बार भाभी के नंगे बदन के दर्शन कर लूँ.
मैं ध्यान से नीचे उतरा और फिर से छेद से झाँका.
नज़ारा देख के मेरा लंड फिर से जाग उठा.
मेरी नंगी भाभी ने अपनी दो उंगलियाँ चूत में डाली हुई थी और दूसरे हाथ से वो अपना दाना रगड़ रही थी.

मैंने फिर से लंड हिलना शुरू कर दिया.
भाभी अपनी उंगलियों से अपनी ही चूत चोद रही थी और कामुक आवाज़ें निकल रही थी.
कुछ देर बाद उनके अंदर से एक आवाज़ आई जो सिर्फ़ एक तृप्त औरत छूटते समय निकलती है.
उसके बाद भाभी की चूत से पिचकारी सी निकली, मुझे लगा वो मूत रही थी.
खैर, उसके बाद भाभी लाइट बंद करके सो गई और मैं भी अपने कमरे में आ के सो गया.
क्या आपने भी अपनी भाभी की चुदाई देखी है या की है?

Reference : hindisexstories.xyz

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Thursday, 1 February 2018

Mami Ki Choot Ki Pyaas

Hi guys mai apne 3rd desi hot sex story likhne ja rha hu. Mujhay pichli stories ke reply se bohot ladkiyon aur auntiyon ne sex ke lie pucha. Mai iss ka shukraguzaar hun.
Direct apni story par ata hun.

Mai jalandhar ka rehne wala hun aur meri pichli story padhke ek aunty ne Mujhay mail pe desi hot sex karne ke liye pucha. Apko bta du ki aunty ki umar 30 saal hai aur wo bohot hi sexy hain.

Savita aunty (name changed) ne Mujhay mail kiya ki I want to meet you as I read your story on iss. Meine  jab message dekha to mai bohot hi excited ho gaya aur unse pehle mail pe hi baatein karni shuru kardi. Unhone btaya ki mere husband mujhse 9 saal bade hain aur ab unka lunda khada nahi hota aur mai bohot hi zyada sex ke lie tadapti hun. Unki 1 beti hai jo ki 7 saal ki hai aur 2nd class me padhti hai. Meine  baat karte hue unse pucha ki kya aap mere sath sex karna chahte ho ? To unhone haan bola. Meine  unse kaha ki aap apna mobile number Mujhay dedo mai apko kal din me call karunga.


Unhone apna number Mujhay de dia. Meine  agle din apne dost ke number se unko call kiya ye jaanne ke lie ki ye number koi fake to nahi hai. Jab Meine  unko call kia to wo ek lady ki awaz hi thi aur Meine  call kaat diya. Meine  thodi der ke baad hot and horny aunty ko apne mobile se call kiya aur unhe btaya ki mai whi hun jisko apne kal mail kiya tha. Wo ye sunke bohot excited ho gyi aur unhone mujhse baatein karna shuru kar diya. Meine  unse milne ke liye pucha to wo ek dum se maan gyi. Unhone kaha ki jab meri beti aur husband ghr par nahi hote to tum Mujhay milne mere ghar aa sakte ho. Meine  unse unka address le liya aur milne jaane se ek din pehle mai wha gya aur unke ghr ki bell ki.

Wo bahr aayi to Mujhay pehchanti nahi thi. Meine  unse apne mann se ek address puch liya aur iske bahane Meine  chupke se apne mobile me unki pic kheech li. Unko kuch pata nahi chala aur ye bohot normal situation thi. Ye sab investigation Meine  isliye ki taaki mai ye confirm kar paun ki koi Mujhay double cross to nai karna chah rha hai . Meine  ghr aake 2 ghante ke baad unko call kiya aur sb kuch bta diya. Aur wo bohot hasne lagi. Unhone kha ki uss time mere ghr par koi nahi tha to tum directly bolke andr hi aa sakte the.

Meine  unse kaha ki mai apse same time pe kal milne aaunga. To wo bohot khush ho gayi aur Meine  wasisa hi kiya. Mai kareeb 11 baje unke ghr gaya aur door bell bajayi. Unhone Mujhay dekhke bohot badi si smile di aur mzaak me boli ki aaj kisi ka address nahi puchna ? Meine  naughty way me bola aaj to mai apse hi milne aya hun. Unhone Mujhay andarr aane ke liye kaha. Mai andar gya to unhone Mujhay drawing room me baitha diya aur mere liye khane ke liye kuch fruits kaat ke le aayi.

Wo blue coloe ke suit me bohot hi gazab lag rahi thi dosto ki mera mann to kar rha tha ki unko wha pakad ke couch pe hi sex karna shuru ho jaun. But Meine  uss time apne emotions ko control kiya aur unse baatein karne laga. Meine  baat krte hue unse pucha ki apke husband kya karte hain to unhone bataya ki wo ek insurance company me kaam karte hain aur late ghr par aate hain. Meine  unse naughty way me pucha ki aap itni badi bchi ki maa hone ke baad bhi itni sundar kaise dikhti hain ? Wo sharmake boli ki aap to mujhse bi zyada smart ho. Mai unka ishara samajh rha tha aur Meine  unse pucha ki aapne jo baat mail par aur phone par Mujhay btayi thi kya wo sb sach hai ? Unhone Mujhay kaha islie aap yaha baitho ho mister.

Meine  kaha ki mere pass aaj thoda time kamm hai jo aaj kuch karna hai to abi se start kar lete hain. Wo hasne lagi aur boli ki apka aise directly bolna Mujhay bohot acha laga. Unhone Mujhay apne bedroom me aane ko kaha aur mai chala gya. Wo 2 minute ke baad waha aayi to unhone ek sexy si nighty pehen li jisme unko boobs 34 size aur bi bade lag rahe the. Meine  unko usi time hug kar liya aur unko kiss karne laga. Wo bhi puri madhosh hokar mera sath de rahi thi .

Meine  unhe bed par patak diya aur unke boobs ko bra ke upar se hi suck karne laga.. Wo usi me moan karr rahi thi aaaaahhhhh oooooooohhhhh.. Meine  der na karte hue unki nighty utar di aur ab wo mere saamne bra aur panty me thi. Meine  apna 7 inch ka loda nikala aur wo dekh kar khush ho gyi aur mere lode ko apne muhh me lekar chusne lagi. Mujhay bi bohot maza aa raha tha. Kareeb 15 minute tak wo mere lund ko chuusti rahi aur mai unki panty ke upar se hi unki pussy ko rub kar raha tha. Mere cum 15 minute ke baad unke muh me hi nikal gaya aur wo sara cum pee gyi. Meine  unko bed ke upar letaya aur unki panty aur bra utar di.

Main unke boobs ko suck karne laga aur pussy me fingering karne laga. Wo bohot ki garam ho gayi thi. 15 minute me wo 2 baar jhadd gayi thi. Meine  ab der na karte hue apna lund unki choot pe rakha to unhone kaha ki pehle condom pehen lo. Unhone pehle se condom ka intezaam karke rakha tha aur main condom pehen ke unki choot ko rub karne laga apne lund se .. Unhone kaha ab aur mat tadpao. Jaldi se andr daal do. Meine  lund daalne ki koshish ki to unki choot thodi tight thi. Meine  dhakka maara to wo chilaane lagi … haayeee maarrrrr gyi.. Meri choot phad di ….Mmmm……..Aaaaaaaahhhhhhhh.

Ye sunke Meine  ek aur dhakka maara to mera pura lund andarr chala gaya. Meine  fr dheere dheere speed badhane laga aur unko chodne laga. Wo bohot maze me chudwa rahi thi aur main 30 minute baad unki choot ke andr hi jhad gaya. Wo 10 minute baad fr se chudna chahti thi aur fr Meine  unko ghodi banake choda. Aur fr ham sex karne ke baad 1 ghanta nude hi ek doosre se lipat kar so gaye. Meine  time dekha to usne jaane ke liye pucha to unhone kaha ki fr se zarur ana aur Mujhay ek kiss kar diya.

Me And My Mom

Hello Guys and Girls, Uncle and Aunties. I’m Karan from Tamil Nadu. Speaking of me, I’m 22 years old and I love women and girls who are much older than me. I was always fascinated towards women and girls who are much older than me right from my childhood days.

The heroine of this story is none other than my mom. My mom is just like any other normal Indian woman. A bit plump with some extra skin on her sides. Those extra pounds are what makes her sexy. I forgot to mention that even though I’m muscular built, I find plump girls much more attractive than skinny girls.

My mom is a very traditional woman and an ideal housewife. She always wears Sari at the house except during my Dad’s stay at the house. My Dad works abroad and visits us once in every five years. During my Dad’s visit, my Mom would wear nightie at home and we all know why she does so. Don’t we? My mom’s sex life was limited only to the one month during which my Dad was present and it was null for the next five years.

This story begins on the day of my Dad’s departure to Dubai. Mom and me accompanied Dad to the airport. Mom was very sad because she was gonna miss him a lot. I didn’t have any feelings because Dad was never there for me as I grew up. Mom was the only one around whenever I needed any help. Dad was just the money provider in my life. I loved my mom a lot for this reason because she was always there for me. I could not see my mom sad so I asked Dad if he could extend his stay.


Dad simply shook his head signaling a big “NO”. We watched as Dad walked past us waving a bye to us. On the way back home, Mom came and sat in the front seat next to me. I tried to cheer up mom but she was in no mood. I suggested having dinner at a restaurant. My mom plainly nodded her head. I drove towards a good restaurant and order food for both of us. We both sat in silence and ate our food. I tried to make a conversation with mom but it all went in vain. After dinner we made our way to our house. Since it was a long way back, she slept in the car itself. She wasn’t wearing her seat belt. I reached for the seatbelt and while fastening them, my hands rubbed against her breasts. It was the first time, he touched her there after being grown up. She didn’t wake up.

I tried calling her but my mom was a sound sleeper and she wouldn’t wake up very easily. It was very strange because I was feeling sexually aroused by that small touch. I had a hard-on. I wanted to masturbate right then in front of her. I thought of pulling over the car by roadside and masturbate with my mom besides me but I was afraid to do so. At last we reached home and mom was still asleep. I woke her up and she followed me inside. I was still very horny. All I wanted was to have sex with her. As soon as she came inside, the beast inside me overtook my actions and I hugged her tightly and kissed her lips. She was fully awake now and was in utter shock.

She pushed me away and slapped me hard on my cheeks. I came back to senses and apologized but she was still angry. She again slapped me and without saying anything, she walked away but as soon as she tried to walk away, I caught hold of the loos end of her saree and pulled it. She had pinned her pallu to her blouse and when I pulled it, Her blouse tore apart and she stood in front of me in bra. She covered her chest and tried to run away. I caught her from behind and whispered in her ears. Let me do what Dad left unfinished. She was horrified to death. She pleaded me as told me that she would give me anything if I left her alone. I told her that all I needed was her and her love. She cried ‘Please stop. This is wrong, I’m your mother”

I was in no mood to listen. I forcefully disrobed her and she stood there in front of me in bra and petty coat. All she could do was cover herself as she knew that I was in no mood to leave her alone. Tears were running down her cheeks. I went near her and wiped her tears and told her that I won’t leave her and go abroad as Dad did but would be with her until the end. She didn’t respond. I hugged her tightly and said. Sudha… I loved you. I truly love you and kissed her lips. At first, she wasn’t responding but within some time, she started responding and hugged me back. We stood there kissing each other for nearly fifteen minutes. I broke the kiss and asked her if I could continue.

She remained silent which I took as a yes and carried her to my Parents’ bedroom. She was looking at my face when I carried her in my arms. I dropped her on the bed and want her. She stopped me and told that I could continue If I promised that I would never leave her alone and will be always with her. I promised her and kissed her forehead. I reached for her breasts and kneaded them. They were so soft and smooth. I kiss her breasts over her bra and licked them. I went for her cleavage and planted several kisses there. I then unhooked her bra and was overtaken by her beautiful breasts. They were big and round. I held them in my hands and kneaded them like balloons. I played with her nipples and sucked them like a baby. Mom might have been so horny too because as soon as I started sucking her beasts she, caught my head and held it tight to her chest. I reached for her pussy with my right hand. I rubbed her pussy over her petticoat and she let out a slight moan. I untied her petticoat and underwear in one go. Her pussy was well trimmed. I rubbed it and inserted a finger into it.

She told me that Dad never did that to her. I asked her if Dad ever lick her pussy. She said yuck so disgusting. I said that it will give her more pleasure than intercourse. I moved towards her pussy and kissed it. My mother reacted as if the current had passed through her body. I inserted my tongue into her pussy and licked it. I imitated fucking movement with my tongue and within a few minutes, she came all over me. She squirted her love juiced all over my face and was breathing as hell. She pulled me towards her and hugged me tightly. I inserted my dick in her pussy and started ramming her like a rabbit ramming its female mate. She was moaning as hell. After a few minutes of fucking, I came inside her and we both slept naked. Next day, we avoided eye contact as much as possible but as soon as night approached, we started our sex.

Behan Ki Chudai Bus Me

Hay readers again ur favorite writer amjad here.apnay bary main main app ko pahaly he bta chukka hoon new readers kay leay bta deta hoon i have 2 sis one is asia and other is saima aisa age is 26 and iam 24 and saima is 21 asia boobs size 36 and gand 38 and waist 28 and saima boobs 34 gand 36 and waist 28 he hay is say pahlay app mere story sis me and friend ka 1 part read Kr chuky haian uanKreeb he us ka dosra part be aa jaye ga .jo muj say mela chyee agher same taste ka ho to mil skata hay please do nt contact gay i mean jin boys ko marwnay yh marnay ka shook ho vo plz plz contact na Kren.

Story kuch is tarha say hay kah asia iba punjab university say mba Kr rahi hay roz voo late ho jate thee our university ke bus nikal jate thee lehaza mujy us ko bike par chronay jana parta tha aik din hova yeh kah bike start nain ho rahi thee lehaza mujy majboran riksha pata kea to koi rykhe nain aha tah akher Kr main nain kaha kah baji aj ap chute Kr lain to us nain kaha nain bahi ajj midterm start ho rahay hain mera jana both zarore hay main nain kaha yoo pher bus main chaltay hain hum stop par punchay to 20 min bad bus aye bai both pershan theen time honay wala tha bus stop par rukee to voo kach kacah.

Bahre hoee thee main nain kaha baji is main to agag he nain hay us nain kaha bahi bus tum charoo is main main gents wali side par door kay Kreb Kra ho gya door tak log he logg Kry thay ladies main be is say be aida rush tha 2 ladies uatrenn to asia darwazay say agay nikal ka roper hcar gyee jahan jalee lage hotee hay bus ke partition krny kay leay vahan par jo darwaza hota hy rush ke vaga say vahan be college kay boys Kry thay yani kuch boys ladies porshan main Kry thay main be darwazay say zara oper ho jaya Abb jesay he main oper hova ladies wali side par nazar mare too asia sab say pechay Kree thee our us kay pechay aik college kay 22 years ka larka us ke gand kay sat jur Kr Kra tha.

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Aik larkee ko dhaka dea too us nain asia ko Kree Kree sunna sheroKr deen akher bechare chektee yhmujy battee to pore bus main tamasha hota our main be tamsha Kra nain Kran chatha tha is leay kanosh he raha abb us larky nain shlwar sirf us ke gand say nechy kee baki us keg and par asia ke appne kamez thee yani agher koi daikh be leta to beh usay pahalee nazar main pata na chalta.larky nain apna hat appnay munh ke taaf lay Kr aya our ungleeon par thook lagaya jaldi say our hat nehcy la Kr us keg and say kamez ko hatya halka sa our us kay hips ko khol Krt hook asia ke gand kay sorak par laga dea ghay kamez thee under us ka hat tha hat nehcya lay ja Kr voo us ke chot ko be.

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Lehaza plz do comments i will eagerly wait for your comments.

Monday, 25 December 2017

Papa ne skirt me choda- desi kahaniya

Hi this is nisha again. First of all i wd like to thanks to u all. Aap logon ne meri story padhi aur bade dhyaan se padhi jiska saboot meri comments list hai, aur mujhe bohot si add request bhi aayi. Mujhe pata nahin tha ki aapko meri story itni pasand ayegi. Shukriya to encourage me. Lekin plz mujhe gali mat dijiye mail mai. Aur haan boys plz mujhe fuck karne ki koshish na kare. Kyonki mai delhi mai aur aap pata nahi kahan kahan. Aur girls maine kabhi lesbian sex nahi kiya so agar koi girl mujhse lesbian sex karna chahti hai to mail me at plzhelpme1982@yahoo.com. Haan to ab main mudde ki baat par aate hain. Are mudda wahi ki maine mere papa se kaise chudwaya. Hahahahaha janti hun yaar ki aap ke liye yeh koi khaas mudda nahi hai per mere jaeevan mai uss waqt(jab mai 18 years ki thi) iss se bada koi matter nahin tha ki mai kaise apne papa ka lund apni chut mai lun. Khair jahan maine apni story khatm kari thi wahin se shuru karte hain. Uss din hum dono picture dekh kar ghar pahunch gaye. Ghar ja kar mai thoda thak gayi thi.

 Aur sone ki soch rahi thi. Lekin dil mai to bas papa ke paas jaane ki ichchha ho rahi thi bas. Ghar ja kar pehle maine toilet gayi. Aur apni chaddi ki taraf dekha to woh mere paani aur papa ke virye se sani hui thi aur ab tak gili thi. Maine meri chaddi utar kar done ki sochne lagi phir socha ki meri yeh pehli sex ki nishaani hai. Aur usse dhone ka irada chhod kar apni almaari mai chhupa kar bahar aayi to dekha ki papa aur mummy sone ke liye ja chuke he. Mujhe bhi laga ki ab mujhe bhi so jana chahiye. Mai bhi apne room mai akar change karne ke baad sone ki sochne lagi. Bistar per letne ke baad mujhe phir se picture waali baat dhyaan agayi. Mai phir sai garam hone lagi. Mai apne chhote boobs ragadne lagi. Aur choot mai ungli karne lagi. Aur chut mai ungli karte karte meri 15min ke baad chhut ho gayi aur mai uss hi halat mai so gayi. Subha jab 6.30 baje ka alarm baja to meri aankh khuli. Mai pehle fresh hui aur school dress pehen kar kamre se bahar aayi. To nashte ke table

Per koi nahin ta mummy kitchen mai thi. Aur papa shayad bedroom mai the. Maine socha papa ke paas jaane ka bohot achchha mauka hai. Mai papa ke room mai gayi to dekha ki papa so rahe hain. Main papa ke kareeb gayi aur papa ko jagane ke liye awaz lagayi. Papa ne apn aankhei kholi. Mujhe dekhte hue gudmorning bola aur ishaare se kiss mangte hue apna gaal aage badhhaya. Maine unke gaal per aik lamba sa kis kiya. Phir unhone meri taraf apne honthh kare to mujhe dar sa laga ki mummy dekh na le. Isliye maine unke honthhon per kiss nahin kiya. Aur unko nashte ki table per milne ki bol kar bahar agayi. Lekin bahar aate hi mera man papa ko kiss karne ka hua to mai pehle kitchen mai jakar mummy ko dekha to woh gas per paranthha sek rahi thi. Mujhe laga ki mummy paranthha chhod kar abhi nahi aasakti. Mai phir se papa ke room mai chali gayi. Papa mujhe dekhte hi muskuraate hue poochha ki kya hua to maine papa ko nashte ke liye kaha. Papa samajh gaye ki mujhe kuchh karne ki ichchhaa ho rahi hai.
 Papa ne poochha mummy kahan hain to maine jhat se jawab diya ki woh to kitchen mai hain aur unhe 5 min lagenge. Papa samajh gaye ki mai poora mauka dekh kar aayi hun. Unhone apni bed ke aik box mai se choclate nikaal kar mujhe dete hue kaha ki yeh tum school lejana aur aik khol kar khud khane lage. Mujhe thoda gussa sa aya ki mujhe lo kuchh karna hai aur papa maze se chocolate kha rahe hain. Mai wahin khadi rahi. Phir papa bole ki "kyon khadi hai tujhe bhi chocolate khani hai kya. Maine kuchh jawab nahin diya aur jaane lagi. To papa nai mujhe awaz di aur maine palat ker dekha to papa ki samjhdari per mujhe thodi hansi bhi aayi aur maza bhi aya. Kyoki maine dekha ki papa ne chocolate ka aik tukda apne honthhon mai daba rakha hai aur ishare se mujhe use khhane ki keh rahe hain. Yeh scene dekh kar meri chut phir se gili ho gayi. Maine papa ki tarf badhhte

Hue kaha ki papa jaldi kariye nashte mai late ho rahe hain aur unke honthhon se chocolate lene ke liya jhuki. Doston chocolate kise khhani thi. Woh to aik bahana tha. Maine apne hothhon se chocolate pakdi tomere honthh papa ke honthhon se takraye. Mujhe laga ki mera dil bahr ajayega. Kyonki yeh meri life ka sabse pehla lip to lip kiss tha. Aur phir papa ne aik aur badmaashi kar di. Chocolate ka tukda unhone apne muh mai leliya aur mere honthhon pe apni jibh ragadne lage.mujhe maza araha tha aur dar bhi lag raha tha ki mummy na ajaye. Kuch der mai maine apna muh peechhe hataya to papa bole ki "tum haar gayi chocolate abhhi bhi mere muh mai ahai". Maine phir se papa kemuh mai apne honthh ghusa diye aur chocolate chhinne ki koshish mai apni jeebh puri unke muh mai daal di. Woh bhi kabhi meri jeebh se apni jeebh ladate kabhi mai. Aur mra dhyaan tb tuta jab meri mummy ki awaz mere kaanon mai aayi "nisha nashta taiyyar hai " papa nai jaldi se chocolate mere muh mai dalte hue mere honthh chhode aur sambhalkar baithhte hue kaha ki tu table per chal mai aata hun. Mai table per akar papa ki samajhdaari per bohot khush hui.
 Ki unhone mere honthhon per kiss bhi kar liya aur aik bahana bhi ho gaya. Khair hum sabne nashhta kara aur mai school bus ke liye chli gayi. Pura din school mai mera dil papa ko dekhne ka karta raha. Aur jab mai ghar pahunchi to dekha ki mummy so ahi hai. Papa as usual office per gaye hain. Mujhe mera time kaatna itna mushkil horaha tha ki mujhe na to neend arahi thi aur na hi khana khane ka man ho raha tha. Maine bina school dress change kare hi bed per late gayi. Aur apni chut ko sehlaate hue papa ke baare mai sochne lagi ki kaise papa ne aur maine scooter per, picture mai, aur aaj subha maze liye. Hum dono mai pura sex ho raha tha aur hum dono hi aik doosre sen anjaan bane hue the.aik taraf to man kar raha tha ki papa jaldi se jaldi apna lund meri chut mai ghusa de aur aik man keh raha tha ki jaise sab chal raha hai chalne dun. Papa ka lund ka khyaal aate hi meri chut mai khujli hone lagti thi. Aur aik taraf dar bhi lagta tha ki papa ka lund bohot mota hai aur lamba hai kahin meri chut na faad de. Meri umra uss waqt thi hi kya. Sirf 19 years. Mere boobs bhi itne bade nahin the ki mai bra tak pehen sakun. To meri chut to aaap andaza lagaye ki kaitni chhoti hogi.

Aur papa ka lund to apni adhi umar paar kar chuka tha. Khub lamba choda aur kala. Maine andaaza lagaya ki agar mai papa ka lund abhi se andar lungi to shayad meri chut phat jatyegi aur shayad mujhe bohot takleef bhi hogi. Bohot sochne ke baad mujhe laga ki jo ho raha hai badhiya ho raha hai aur jaise chal raha hai chalne dun. Waise bhi mujhe jo kuchh bhi ho raha tha ussme zyada maza araha tha. Kyonki chudayi sab karte hain lekin mai chudaayi kar ke bhi chudayi nahin kar rahi thi. Aur iss cheez ko to aap sab bhi samajh te honge ki mujhe kitna maza araha tha. Khair mai yeh sab baatain sochti hui kab so gayi mujhe pata hi nahi laga. Aadhe ghante baad mujhe laga ki koi gadi humare ghar mai enter hui hai maine uthh kar khidki se dekha to mera man khushi aur ashcharya se jhoom uthha mujhe meri aankhon per wishwaas nahin hua. Abhi sirf 4 baje the aur papa apni car mai ghar mai park kar rahe the unhone mujhe khidki se dekhte hue dekha to mujhe smile di. Maine bhi unhe jawab mai aik sexy si smile di. Aur phir apne kapde badal ne ki sochi to khyal aya ki school dress me mai aur bhi sexy lag rahi hun. Maine aik white color ki skirt aur black color kishirt pahen rakhi thi. Maine jaldi se apni skirt thodi upar kari aur apni chaddi utar kar phenk di. Ab mai dress ke niche bilkul nangi thi. Na to maine chaddi pehni thi aur nahi mai bra pehenti thi. Mai daud kar mummy ke room ki taraf gayi aur dekha ki mummy to ghode

Bech karso rahi hai. Maine jaldi se apne baal upar karke baandhe. Aur gate kholne ki taraf gayi. Maine gate Khola to bahar papa khade hue muskura rahe the. Maine poochha " aaj itni jaldi". Unhone kaha haan aaj tabiyat thodi kharab hai. Yaaar yeh to mai bhi samajhti hun ki unki kaun si tabiyat kharab thi. Surat se toaikdum perfect lag rahe the. Lekin maine sach mai unki tabiyat kharab karne ki soch li thi. Papa ander aye aur sofe per baithh kar. Aik bag meri tarf badhatehue bole ki "dekh mai tere liye kya laya hun. Maine bag unke hath mai se liya khol kar dekha to usme aik bohot hi shaandaar top nikla. Jise dekh kar mai khushi se chillate hue papa ko kiss karne ke liye jhuki to papa ne apne honthh mere aage kar diye. Maine unke honthhon pe r aik kiss kara to papa ne apne jeebh thodi aagew nikaali maine bhi apni jeebh se papa ki jeebh chat li. Aur phir khade ho kar top dekhne lagi.papa ne mere kulhon per haath rakha aur dheere dheere sehlate hue bole ki"teri mummy ko mat batana nahin to woh itna chhota top dekh kar gussa ho jayegi aur tujhe kabhi pahenne nahin degi. Mea dhyan to papa ke haatho per tha jo kimere kulhe sehla rahe the. Mujhe bada maza araha tha. Maine papa ko chae ki poochhi to papa ne haan kaha. Mai jaldi se kitchen ki taraf chali gayi. Maine chae gas per chadha kar papa ke aane kiwait karne lagi. Maine jhuk kar dekha to papa bahar nahin the mera dil tut gaya maine socha papa shayad sone chale gaye hain. Lekin kuch der baad papa kitchen mai hi aagaye. Ab woh sirf lungi mai the. Mai chae banane lagi aur papa peechhe se akar meri gand per lund laga kar khade ho gaye. Papa ne poochha ki bete mummy kab soyi thi" maine kaha ki sote hue 2ghante se zyada ho chuke hain. Papa bole ki phir to woh uthhne wali hogi. Maine haan kaha aur unse merekamre mai jakar chaeke liye wait karne ko kaha. Papa mere room mai chale gaye. Maine jaldi se chae nikaali. Aur merekamre mai apapa ke liye chae lekar gayi. Papa meri restingchair per baithhe hue jhoola jhool rahe the. Mujhe dekh kar papa ne apni baahain phaila di. Maine chae ka cup table per rakh kar unki god mai ja kar baith gayi. Maine to skirt ke neeche kuch nahin pehna tha aur papa ne bhi lungi mai kuchh nahin pehne the. Maine meri gand ka chhed papa ke lund per set kiya aur baithh gayi.aur idhar udhar ki baatain karne lagi.

Papa ka lund meri gand per ada hua tha. Aur papa apna lund khudki lungi aur meri skirt per se ragad rahe the. Aik baar phir mujhe maza aane laga tha. Maine papa ko bola ki papa chae thhandi ho rahi hai. Papa bole ki mujhe chae uthha kar de. Mai chae lene uthhi to dekha ki aik chuha(rat) mere kamre mai aane kikoshish kar raha hai. Maine darte hue papa ko bataya to papa ne mujhse gate band karne ko kaha. Maine gate band karke. Chae uthha kar papa ko di aur bed per baithh gayi. Papa bole ki tu bed per kyon gayi. Idhar aa aur meri god mai baithh ja. Mai phir se khadi ho kar papa ki god mai baithhne ke liye jhuki to. Maine aik ahth se apni skirt thodi upar kari aur papa ko ehsaas karayaki maine chaddi nahin pehni hai. Papa ne bhi kursi per seedhe hote heue mujhe apni god mai baithhaya. Papa ka lund ab meri chut ke neeche tha. Aur mai papa ke upar kamar ke bal leti thi. Papa nai aik haath se khhench kar apni lungi itni khol li ki unka lund bahar agaya. Maine bhi baaton baaton mai meri skirt upar kar ke papa ke lund per baithh gayi. Aik baar phir se papa ka lund bina kapdo ke meri chut per tha. Mera man machalne laga papa ka lund ander dalne ke liye. Lekin papa bhi shayad dar rahe the ki kahin unhone apna mota lund meri chut mai daala to kahin meri chut phat na jaye. Isliya woh bhi shayad upar se hi maze lena chahte the.khair ab to bas mai chahti thi ki papa ander nadaale to kam se kam ragad hi de. Lekin ragadne mai kuch unhe aur mujhe bhi dar lag raha tha. Khair papa ne lund to na ragda lekin dheere

Dheere papa ne kursi ko hilana chalu kar diya. Jisse lund chut per hilne laga. Hum upar se to aik doosre idhar udhar ki Baatain kar rahe the per neeche se woh khel khail rahe the jo aik pati aur patni raat ko sabke sone ke baad andhere mai khelte hain. Thodi der baad papa zor zor se kursi hilaane lage. Aur unka lund meri chut per ragad kha raha tha. Mai to jaise saantve aasmaan per thi.kuch hi der mai mera pani chut gaya. Aur ab bhi papa ka lund akda pada tha. Mere liye ab uski ragad bardasht karna mushkil tha. So maine jhatke se khade hote hue. Papa ke lund ki taraf aik nazar dali. Papa mere iss aik dum khade hone se ghabra gaye. Aur jaldi se apna lund per lungi daal li. Papa bole ki kya hua. Maine kaha ki papa mera man sone ka kar raha hai. Aur mai sone ke liye bedper let kar apne upar chaadar daal li. Itne mai mummy ki awaz aayi aur papa bhikhade hote ue mujhse bole ki mai mummy se milkar aata hun. Mai samajh gayi ki papa mummy kochodne ke liye ja rahe hain. Maine jaldi se mere room ki khidki se papa ke room mai jhanka to dekha ki mummy khadi hain aur kahin jaane ki tayyari kar rahi hain. Aur papa apna lund haath mai lekar mummy ko dekh kar muthh maar rahe hain. Lekin mummy to papa se boli ki mai mandir jaa rahi hun aur lagbhag aik ghante mai wapas ajaaungi. Papa pehle to thoda gusse mai aye phir mere baare nmai soch kar muskura kar mummy ko jaane ke liye bol diye. Mummy apne kamre se nikli aur mai jaldi se jakar bed per ulti ho kar let gayi aur sone ka natak karne lagi. Mummy ayi aur mujhse boli ki "nisha beta mai zaramandir ja rahi hun tu papa ko chae bana kar de dena. Maine sote hue jawb diya ki thheek haim mummy". Aur phir mummy ke jaate hi papa mere kamre mai agaye. Maine mere upar bedsheet daali hui thi. Ander akar papa bole ki beta chae to maine pi li. Ab kuch der sona chahta hun.

To maine kaha papa mere hi kamre mai so jayiye. Papa jaldi se gate band karke merebed per agye. Aur meri chadar mai ghuste hue bole ki mujhe to bohot zor ki nind arahi hai. Phir kuchh der baad papa ne mujhe apni aur khincha aur bole ki beti itni door kyon so rahi hai. Aur mujhe apne seene se chipka liya. Maine bhi aik taang uthha kar papa per rkh di jisse meri chut thoda khul gayi. Papa bole ki beta tune ab tak school dress nahin utari. Maine kaha papa baad mai utar dungi. To papa bole ki nahin beti yeh school dress hai pehen kar sone se kharab ho jati hai. Phir bole ki agar tujhe utarne mai zor araha hai to tu lete hue hi utaar de. Mujhe idea to bohot achha laga phir bhi maine bante hue kaha ki papa mujhe sharm aati hai. Papa bole ki beta mujhse kaisi sharm. Aur yeh kehte hue woh meri top ko kheench ne lage. Maine bhi apne haath unche kar ke top utarne mai unki madad ki. Ab mai upar se bilkul nangi papa se lipti hui thi. Papa kabhi mere honthh chum rahe the kabhi mere gaal chum rahe the. Papa ne mujhe meri skirt ko utarne ko kaha. To maine mana kar diya. Mai boli ki muhe sharm aati hai. To papa bole kiaik kaam kar tu skirt utaar kar meri lungi mai hi aaja. Mujhe bohot khushi hui ki ab mai aur papa bilkul nange aik doosre se chpkenge. Maine jhat se apniskirt utari aur papa ki gol lungi mai ghus gayi. Yeh mera pehla experience tha jab mai kissi ke sath bilkul nangi aik bistar mai chipki padi thi. Papa ne meri taraf karwat kar rakhi thi aur mai papa ki taraf. Papa ki aik taang mere upar thi aur unka lund meri naabhi per ada hua tha. Unke lund ke saamne meri choot bohot chhoti si lag rahi thi. Mujhe dar lag raha tha ki kahin papa ne saaf saaf bol mujhe chodne ki bol diya to mai unhe kaise mana karungi. Unka lund mujhe bohot pyara lagta tha per dil mai uski lumbayi chowdayi ka khauf bhi tha. Agar uss waqt woh meri chut mai ghus jata to shayad meri jaan chali gayi hoti. Iss baat ka andaza mujhe 6months baad pata chala jab Papa ne mujhe pehli baar fuck kara tha. Woh aik alag story hai jo mai baad mai sunaungi. Abhi to sirf papa aur Mere beech fore play chal raha tha. Aik ankaha fore play jo lagbhag 6months chala. Aur jab mujhe fore play mai hi itne maze arahe the to aap soch mujhe chudaayi mai kitne maze aye honge. Khair papa aur mai aik lungi mai bilkul nange aikdusre se chipke pade the. Papa apna lund meri naabhi per ragad rahe the jisse mujhe bohot gudgudi ho rahi thi. Maine apna aik hath niche le ja kar papa ka lund pakda aur apni dono taangon ke beech mai daba liya. Maine papa ke lund per pehli baar haath lagaya tha. Pehle to unke lund ne aik jhatka khaya phir meri taangon ke beech mai jhat se ghus gaya. Mujhe tab ahsaas hua ki meri choot phir se gili ho chuki hai. Mujhe hairat ho rahi thi ki mai do din mai kam se kam 8times jhad chuki thi aur phir se mai taiyyar ho chuki thi meri choot phir se gili ho chuki thi. Gile pan ki wajah se papa ka lund meri taangon ke beech mai bohot phisal raha tha. Meri garam moti jaangghon mai papa ke lund ko bohot sukoon mil raha tha shayad. Jiska suboot papa ki band aankhien thin. Maine papa ke chehre ke woh sexy expressions pehli baar dekhe the. Mujhe chudaayi ki phir se ichchha hone lagi. Mai apni taangon mai papa ke lund ko dabane lagi aur peechhe se haath le ja kar maine apne kulho per haath lagaya to mujhe badihairat hui. Kyonki papa ka lund kam se kam adhe se zyada merin jaanghon se hota hua bahar aaraha tha. (woh ladke kehte hain na ki meri gand phat gayi)

Kuchh aisi hi haalat meri bhi hui. Papa ke lund ki lumbaayi dekh kar. Khair maine papa ke lund ka head pakda aur upar ki aur khincha. Jisse papa ka lund merichut ki daraar mai bilkul chipak gaya. Ab papa ko shayad kuch zyada hi maze arahe the. Kyonki ab papa ne dhakke lagana shuru kar diye the. Aur lund chut ke upar ragadne se mujhe bhi bohot maze arahe the. Lagbhag 10min ke baad papa karwat badal kar seedhe let gaye aur mujhe kheench kara pne upar kar liya. Maine phir se papa ka lund apni taangon ke beech mai dbaya aur ab mai hailne lagi. Mere sath yeh sab pehli baar ho raha tha isliye mai apne aap ko zyada der narok saki. Aur mai jhad gayi. Mai shaant hui to papa samajh gaye kimai jhad chuki hun. Papa phir se karwat le kar pehle wali style mai agaye. Aur lund taangon ke beech mai daba kar hilne lage . Meri choot ke pani ki wajah se papa ka lund ab aur zyada phisal raha tha. Papa bhi khud ko na rok paaye aur do teen jhatke maar kar papa ne apna sara juice meri choti si gand per chhod diya. Jhadte waqt papa ne mujhe apni baahon aur taangon mai zor se jakad liya. Mujhe itna sukoon mila ki laga papa bas mujhe kabhi na chhode. Khair ab hum dono hibohot thak chuke the. Aur dono ko hi bohot tez nind aarahi thi. Hum dono yun hi chipke hue so gaye.kuch der baad meri aankh khuli to mujhe ahsaas hua ki agar kisi ne humai iss halat mai dekh liya to kya hoga main jaldi se uthh kar apne kapde lekar bathhroom chali gayi naha dho kar fresh hui to mummmy bhi achuki thi. Maine papa ko jagate hue kaha ki papa uthh jayiye mummy aachuki hai. Mummy ne khana tayyar kar liya tha. Hum sab ne sathh mil kar khana khaya. Khana khate waqt pure samay papa meri choochiyon ki taraf hi dekhte rahe. Aur mai phir se aane wale ke liye plaaning karne lagi kki kal kya aisi situation banaun ki kal phir se maze liye ja sake.To yeh thi meri doosri story. Lekin plz friends aap log mujhe fuck karne ki baat na kare plz plz plz. Aur girls mujhe lesbian se ki bohot khwahish hai koi agar karna chahti hai to plz mail me at plzhelpme1982@yahoo.com pls..Aur sab apne comments zaroor likhe taki mai aage ki story likhne ke liye encourage ho sakun.